इतने बड़े हिन्दू बाहुल्य देश में हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचाना विपक्षी पार्टियों के विघटन का सबसे बड़ा कारण है।
अभी रमजान का महीना है, अखिलेश, ममता, खड़गे, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, स्टालिन जैसे तमाम विपक्षी नेता इफ्तार पार्टी में जा रहे हैं।
आज से कुछ दिन पहले ही राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का समारोह सम्पन्न हुआ, इन में से किसी की हिम्मत नहीं हुई, न तो राम मंदिर जाने की, न ही उसका समर्थन करने की।
हालांकि, दिखावे के मुस्लिम तुष्टिकरण में पूरी तरह डूबी इन सियासी पार्टियों की असलियत अब मुस्लिम समझ भी समझ चुका है।