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शाहीनबाग का सबसे बड़ा किरदार

भारत के खिलाफ इस्लामिक कट्टरपंथी जेहादी आतंकवादी समूह का एक प्रमुख चेहरा है शोएब जमई। इस गद्दार के असली चेहरे को पहचानने में बहुत बड़ी भूल और देर हो रही है। ये गद्दार अपने को नेशनल मुस्लिम फाउंडेशन का अध्यक्ष बताता है तथा टीवी चैनलों पर डिबेट मे यह मुस्लिम स्कालर के तौर पर आता है। परंतु सच्चाई यह है कि यह सख्श भारत विरोधी मुस्लिम कट्टरपंथी जेहादी आतंकवादी है। समय समय पर मीडिया प्लेफॉर्म के जरिये यह अपने मंसूबों को पूरा करने में और अधिक कामयाब हो रहा है।

ध्यान रखें, शाहीनबाग का प्रमुख नेतृत्वकर्ता यही सख्श था। भारत के खिलाफ चल रहे 'गजवाये हिंद प्रोजेक्ट' का असली नेतृत्वकर्ता भी यही है। टीवी चैनलों पर भारत के खिलाफ अनेकों बार इसने जहर उगलते हुए कहा है कि शाहीनबाग को जो न समझता हो वह उसकी बड़ी भूल है। भारत के खिलाफ षड़यंत्रकारी सभी मुस्लिम कट्टरपंथी जमातों का सरगना है ये। भारत को खुलेआम चुनौती देते हुए इसने कहा है कि शाहीनबाग के ताल्लुक को 1947 और जिन्ना से जोड़कर देखने की जरूरत है।

इसलिये मेरा देश की सक्षम सुरक्षा एजेंसियों से अनुरोध है कि जितना जल्दी भी हो सके इस आतंकी को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मै दावे के साथ कहता हूं कि इस गद्दार शोएब जमई के सारे काल डिटेल्स खंगालने पर भारत के खिलाफ बहुत बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सकता है तथा इसके पकड़े जाने पर बहुत सारे अप्रत्याशित राज भी खुलेंगे।

इसके अलावा देश के टीवी चैनलों से भी अनुरोध है कि भारत के विरूद्ध खुलेआम इस्लामिक जेहाद की वकालत करने वाले इस आतंकी को देश की मीडिया प्लेटफार्म न दे। अब फिर से यह सपोला निजामुद्दीन औलिया मरकज की घटना को मजहबी हवा देकर तबलीगी जमात तथा मौलाना साद की पैरवीकार बनकर मुसलमानों को उकसाने मे लग गया है। देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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