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आज शनिवार दिनांक ०६ अप्रैल २०२४ का श्री रामचरितमानस के बालकाण्ड का दोहा🙏🚩
गुरु वंदन करते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी लिखते हैं जैसे सिद्धांजन अर्थात् सूरमा को नेत्रों में लगाकर साधक,सिद्ध और सुजान पर्वतों, वनों और पृथ्वी के अंदर कौतुक से ही बहुत सी खानें देखते हैं......क्रमशः
जय जय गुरुवर 🙏🚩

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