2 лет - перевести

काशी के पूज्य संत व मनीषी, श्रद्धेय स्वामी श्री शिवशंकर चैतन्य भारती जी महाराज का गोलोकगमन संत समाज और आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति एवं अथाह दुःख का क्षण है।
उनके ब्रह्मलीन होने से एक युग का अंत हुआ है।
मेरी ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना है कि दिव्यात्मा को अपने परमधाम में स्थान और उनके शिष्यों व अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति!