2 yrs - Translate

नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, पैक्फैड या अन्य किसी सरकारी या गैरसरकारी विभाग की ठेकेदारी करने की सोच रहे हैं तो...
सर्वप्रथम आप ईमानदारी को ताक पर रख दीजिए... क्योंकि आपको 35% से 55% तक कमीशन तो देना ही पड़ जाएगा... चपरासी से लेकर अधिशासी अभियंता तक का कमीशन तय होता है..!!
आप अपने स्वाभिमान और आत्मसम्मान को भी ताक पर रख दीजिए क्योंकि...
सभासद से या विधायक जी से आपका संपर्क है तो उनको आवंटित निधि से यदि आप कोई काम ले रहे हैं तो आपको हद से ज्यादा चापलूसी करनी पड़ सकती है...
फाइल पास कराने से लेकर चेक बनने तक आपको उनके तलवे चाटने पड़ सकते हैं...
आप भले ही अपने रिश्तेदारों को त्योंहारों में सोन पापड़ी दे देते हों किंतु आपका विभाग में, अधिकारी से लेकर हर विशिष्ट व्यक्तियों को काजू कतली और शराब की बोतल देना अनिवार्य हो जाएगा... अन्यथा आपकी फाइल अटक सकती है..!!
यही नही, यदि किसी को अय्याशी का शौक हुआ तो आपको दलाल बनना पड़ सकता है यानी आपको उनके लिए वेश्याओं को भी परोसना पड़ सकता है..!!
आप भले ही अपने परिवार, बीवी, बच्चों को ना घुमाने ले जा पाएं लेकिन आपको हमेशा इंजीनियर साहब के बच्चों को घुमाना पड़ सकता है और जब जब उनका परिवार कहीं घूमने या शापिंग के लिए जाएं तो एक अंगरक्षक की तरह साथ रहना पड़ेगा और एक नौकर की तरह मैडम का थैला भी पकड़ना पड़ सकता है..!!
सदैव स्मरण रहे कि अधिकारी की बीवी और बच्चों को घुमाने ले जाएं या शाॅपिंग कराने ले जाएं...बिल का भुगतान आपको ही करना है अन्यथा आप मैडम की नज़रों में खटकोगे और फाइल अटकेगी..!!
आपका जब निर्माण कार्य शुरू करेंगे तो आपको उस क्षेत्र में एक से बढ़कर एक क्षेत्रीय निवासी इंजीनियर बनकर सलाह देंगे कि ऐसे नही ऐसे काम करो..!!
अब ऐसे समझो 10 लाख की फाइल पर आप 5-6लाख पहले कमीशनखोरी और चाटुकारिता में उड़ा चुके होंगे और समाज की नज़र में बुरा बनेगा तो बस ठेकेदार..!!
......... ...... ......... ...... ......... ...... ..... ..... .....
आप इसे कटाक्ष समझिए या एक मार्गदर्शन किंतु यही हर ठेकेदार भाइयों का दर्द है..!!
बस नेताओं के भाषणों में ही है कि हम भ्रष्टाचार को खत्म कर रहे हैं...
यदि कमीशनखोरी बंद हो जाए तो यकीन मानिए सड़क पचासों साल तक ना खराब हो और एक भी पुल ना गिरेंगे कभी..!!
जय हिंद 🇮🇳

image