शक्ति केवल सेना या शस्त्रों में नहीं होती

बल्कि सेना का निर्माण जिस समाज से होता है वह समाज जितना राष्ट्रप्रेमी, नीतिमान और चरित्रवान संपन्न होगा, उतनी मात्रा में वह शक्तिमान होगा।

: डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार

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