कभी यह भी जमाना था यह जब चाहे तब पाकिस्तान चला जाता था इस की दो पत्नियां भारत में थी दो पत्नियां पाकिस्तान में तीन दिल्ली में लुटियंस जोन में इसे शानदार आठ कमरे का बंगला दिया गया था जेड प्लस की सिक्योरिटी थी
10 साल तक मनमोहन सिंह सत्ता में थे यहां तक कि उसके पहले अटल जी थे यासीन मलिक एक वीवीआइपी आदमी की तरह दिल्ली में रहता था उसे दिल्ली के लुटियंस जोन में एक बड़ा बंगला दिया गया था जेड प्लस की सिक्योरिटी थी वह मनमोहन सिंह से मिलने पीएमओ में जाता था प्रधानमंत्री के घर पर जाता था दिल्ली में बड़े-बड़े सेमिनार में उसे बुलाया जाता था उसे साहब कहकर पुकारा जाता था टीवी चैनलों पर आकर लंबे-लंबे इंटरव्यू देता था
एक सपना था कि क्या कभी इस आतंकी को जेल के सलाखों के पीछे डाला जा सकता है और वह सपना मोदी सरकार ने पूरा किया
हम सबने सरकार बदली और यासीन मलिक जैसे आतंकियों के कर्मों का हिसाब किताब हो गया
यह पिछले 5 साल से जेल में है और अभी इसे सिर्फ टेरर फंडिंग के केस में सजा हुई है स्क्वाडर्न लीडर रवि खन्ना और 4 अन्य एयर फोर्स के अधिकारियों के कत्ल की फाइल खुल गई है गौरतलब है कि उस फाइल को यूपीए सरकार ने क्लोज कर दिया था अभी इसके कई और गुनाहों का हिसाब होना बाकी है
यह तिहाड़ में सड़ रहा है
यही अच्छे दिन है कांग्रेसियों