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नारायण उपाध्याय की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार चक्कर आ रहा है। पुत्र शोक से बड़ा दुःख इस दुनिया में क्या होता होगा। मां-बाप का इकलौता बेटा था नारायण। दबंगों की नफरत का शिकार हो गया। मात्र 14 साल की उम्र थी उसकी। बेरहमी से हत्या करने के बाद निर्दयता से गाड़ी से कुचल दिया गया। घटना UP के बस्ती की।