2 лет - перевести

🌹 🌷 ।। श्री ।। 🌷 🌹
जय सियाराम सुमंगल सुप्रभात प्रणाम बन्धु मित्रों। राम राम जी।
श्रीरामचरितमानस नित्य पाठ पोस्ट ३४७, बालकाण्ड दोहा ७२, पार्वती जी अपनी माता को स्वप्न बता रही है।
सुनहि मातु मैं दीख अस सपन सुनावउॅं तोहि।
सुंदर गौर सुबिप्रबर अस उपदेसेउ मोहि।। ७२।।
भावार्थ:- पार्वती जी अपनी माता मैना जी को बता रही हैं कि हे मां! सुन, मैं तुझे सुनाती हूं ; मैंने एक ऐसा स्वप्न देखा है कि मुझे एक सुन्दर गौरवर्ण श्रेष्ठ ब्राह्मण ने ऐसा उपदेश दिया है।
🌹🙏🏽🌷🙏🏽🌷🙏🏽🌹

image