1 y - çevirmek

जिनकी चर्चा है कल से नगरिया में,
वही आए सखी फुलवरिया में
सावला एक है एक गौरा बदन,
देख कर भी ना अब तक भरा मेरा मन,
ऐसा रूप नहीं देखा उमरिया में,
जैसे जादू है उनकी नजरिया में,
वही आए सखी फुलवरिया में.....

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