जो कहते थे की पुराने जमाने में स्त्रियां स्वतंत्र नहीं थीं जो कहते हैं नारियों को घूँघट में और घर में कैद करके रख्खा जाता था जो कहते हैं की पुराने ज़माने में गरीबों की स्त्रियां आभूषण नहीं पहनती थीं तो उन सब के मुँह पर ये फोटो एक जोरदार तमाचा है ये तस्वीर 1895 की है जिसमे गहने भी हैं और आजादी भी है और घूँघट भी नहीं है

Ashishvinayak
रोज मुफ्त की मलाई खाता है और 33% लाकर भी नौकरी पा जाता है।
बहुत शोषण हुआ है हरिया का 😥😥
एक बॉटल बिसलेरी कमेंट में दान करें 🙏
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