जय श्री कृष्ण 🙏
अनादिमध्यान्तमनन्तवीर्यं अनन्तबाहुं शशिसूर्यनेत्रम्।
पश्यामि त्वां दीप्तहुताशवक्त्रं स्वतेजसा विश्वमिदं तपन्तम्।।
हिंदी अनुवाद -
मैं आपको ऐसा देख रहा हूँ, जिनका न आदि है, न मध्य और न अंत; जिनकी शक्तियाँ अनंत हैं; जिनकी भुजाएँ अनगिनत हैं; सूर्य और चंद्र आपके नेत्र हैं; आपका मुख अग्नि के समान दीप्तिमान है और आपके तेज से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड तप रहा है।
