आज दिल्ली एवं देश के लोगों ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व की राजनीतिक हताशा का वो शर्मनाक मॉडल देखा जिसके चलते लोगों ने "आप" नेता सौरभ भारद्वाज को यमुना किनारे प्रकृतिक वासुदेव घाट की सफाई एवं वहां स्वच्छ पानी की उपलब्धता पर आपत्ति करते देखा।
सौरभ भारद्वाज ने आज यमुना किनारे से लाइव विडियो जारी कर यमुना सफाई पर आपत्ति करने का जो नाटक किया वह पहला ऐसा राजनीतिक प्रपंच था जहां विपक्षी दल ने सरकार द्वारा सफाई स्वच्छता सुनिश्चित करने पर आपत्ति की हो।
केजरीवाल ने 2018 से 2024 तक यमुना किनारे छठ पूजा-पाठ पर रोक लगाई और आज जब श्रीमती रेखा गुप्ता सरकार ने मात्र 8 माह में यमुना की बेसिक सफाई पूरी कर छठ व्रतियों को प्रकृतिक घाट उपलब्ध करवायें हैं तो अब वह हाहाकार मचा रहे हैं।
दिल्ली का पूर्वांचल समाज आज "आप" नेतृत्व से दो सीधे सवाल पूछना चाहता है।
केजरीवाल से दो सीधे सवाल :
1. "आप" सरकार ने किस प्रशासनिक आधार पर 2018 से 2024 तक दिल्ली में यमुना किनारे छठ पूजा पर रोक लगाई थी ?
2. "आप" नेतृत्व बताए कि आखिर उन्हें श्रीमती रेखा गुप्ता सरकार के द्वारा यमुना घाटों पर सफाई एवं स्वच्छ जल सुनिश्चित करने पर आपत्ति क्यों है ?-प्रदेश अध्यक्ष श्री Virendra Sachdeva