19 ث - ترجم

विधवा पुनः विवाह कानून कब बना?
ईश्वर चंद विद्या सागर ने 1856 में इसको पारित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
लार्ड डलहौजी के शासन काल में इस अधिनियम को लागू करवाने में उस महान समाज सुधारक ने अहम भूमिका निभाई थी।
एक सवाल अंग्रेजों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करवाने में भारत में योगदान दिया था?
क्या यह योगदान उनका भारत में जातिगत भेदभाव को खत्म करने में सहायक था?
सवर्णों ने अंग्रेजों का विरोध क्यों किया क्या सवर्ण विधवा पुनः विवाह नहीं करवाने के समर्थक थे?
बचपन में ही शादी हो जाती थी और बीमारी से या किसी और कारण से पुरुष की मृत्यु हो जाती थी तो जीवन भर उस पुरुष की विधवा बनकर रहना और समाज का धिक्कार सहना पड़ता था उस स्त्री को जीवन भर उसका मुंह देखना भी पॉप मानते थे सवर्ण।
क्या सवर्ण सच में समाज में बदलाव नहीं चाहते थे?
उनका कितना आर्थिक और सामाजिक फायदा होता रहा होगा? सोच कर जवाब दो उस समय कितनी हालत खराब थी भारत में 170 साल पहले का भारत?
स्त्री जाति को उनका अहसान मानना चाहिए?
ईश्वर चंद विद्यासागर अमर रहे 💐

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