एयर मार्शल दीक्षित ने कहा कि भारतीय वायुसेना स्क्वाड्रन की कमी को लेकर सजग है, लेकिन इसके बावजूद देश की कॉम्बैट क्षमता में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि आधुनिक तकनीक, अपग्रेडेड फ्लीट और रणनीतिक तैयारी के साथ वायुसेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।