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यह है असली उदासी…
ग्लैमर के लिए लोग एक्ट्रेसेज़ का जश्न मनाते हैं… लेकिन जब आर. माधवन के बेटे ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता, तो देश में उसकी चर्चा तक नहीं हुई। 🇮🇳🥇
जिस लड़के ने देश का नाम रोशन किया, वह सुर्खियों का हक़दार है — चुप्पी का नहीं।
टैलेंट, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव
मेकअप, फैशन या रेड-कार्पेट की चमक से ज़्यादा मायने रखने चाहिए…
पर अफसोस, दुनिया आज ऐसी नहीं है।
जब किसी एक्टर का बेटा
शोहरत की चाह छोड़कर मेहनत चुनता है,
स्टारडम के बजाय स्पोर्ट्स को अपनाता है,
तो उसे और ज़ोरदार तरीके से सेलिब्रेट किया जाना चाहिए।
क्योंकि ऐसी जीतें भारत का तिरंगा ऊँचा करती हैं —
ना कि सिर्फ ट्रेंडिंग हैशटैग।

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