2 ore - Tradurre

✨ कुछ कहानियाँ फ़िल्मों से भी ज़्यादा खूबसूरत होती हैं… ✨

1988 में दिल्ली के एक थिएटर की अँधेरी सीटों के नीचे एक 10 दिन की घायल बच्ची मिली… चूहों और कीड़ों से जख्मी, बिलकुल अकेली… 💔
लेकिन किस्मत ने उसके लिए एक मसीहा भेजा था—प्रकाश झा।

उन्होंने न सिर्फ उसे गोद लिया, बल्कि इतना प्यार दिया कि आज वही बच्ची दिशा झा के नाम से एक सफल प्रोड्यूसर बन चुकी है। 🌟

कहते हैं, रिश्ते खून से नहीं, दिल से बनते हैं…

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