3 d - Vertalen

सुनो..!
जानती हो,
रुक्मिणी गुणों से भरपूर थी..
वो हर मापदंड पर राधा से अधिक योग्य थी..
परन्तु योग्यता संसार के लिए बनी है..
और ईश्वर केवल प्रेम के उपासक हैं..
यही कारण है..
रुक्मिणी, रुक्मिणी ही रही और
राधा -'कृष्ण' हो गयी.. ♥️
खैर.. 🤦
जय श्री राधे ♥️

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