ये है देश के तथाकथित सबसे "साफ शहर" के "गंदगी से सने" मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जिनके राज में अब तक जहरीले पानी से करीब 8 मौतें हो चुकी है और विजयवर्गीय के अनुसार ये "फोकट और घण्टा" सवाल है।
इस पूरे प्रकरण से कैलाश विजयवर्गीय की मानसिक और नैतिक स्थिती साफ हो चुकी है और उन्हें मंत्री रहने का अब कोई हक नही है,
हम चाहते है कि पीड़ित परिवारों को कम से कम 1 करोड़ रुपये मुआवजा मिले क्योंकि ये सरकारी हत्या है।
साथ ही इस पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में जांच होना चाहिए और दोषी मंत्री, अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।