अध्यात्म और भक्ति की नगरी वृंदावन में हाल ही में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। प्रसिद्ध रामकथा और सुंदरकांड वाचक रसराज महाराज ने श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचकर प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान रसराज महाराज ने उनका आशीर्वाद लिया और भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।प्रेमानंद महाराज ने रसराज महाराज को जीवन का एक गहरा मूल मंत्र दिया।
उन्होंने 'भूरीदादना' शब्द का उल्लेख करते हुए कहा कि वह परमात्मा सबसे बड़ा दाता है। जो लोग भगवान का नाम और उनके गुणों का गान करते हैं, वे समाज के लिए बहुत बड़ा कार्य कर रहे हैं।वृंदावन से जुड़े रसराज महाराज श्री निंबार्क संप्रदाय और वैष्णव परंपरा के ध्वजवाहक हैं। उनकी कथाओं का मुख्य केंद्र भगवान श्री राम की लीलाएं और प्रेम भक्ति होती है। शास्त्रीय ज्ञान को संगीत के माध्यम से सरल बनाकर प्रस्तुत करने की उनकी कला ही उन्हें युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाती है।
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