“शिक्षा सबसे बड़ा विद्रोह है | सावित्रीबाई फुले जयंती”
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आज 3 जनवरी है…
ये सिर्फ़ एक तारीख़ नहीं,
ये उस क्रांति की याद है
जिसने भारत की बेटियों को
पढ़ने का हक़ दिलाया।
सावित्रीबाई फुले ने
पत्थर झेले, गालियाँ सुनीं,
लेकिन शिक्षा की लौ बुझने नहीं दी।
आज अगर बेटियाँ आगे बढ़ रही हैं,
तो उसके पीछे
एक औरत की ज़िद है।
सिर्फ़ फूल मत चढ़ाइए…
उनके सपनों को ज़िंदा रखिए।
लड़कियों को पढ़ाइए।
बराबरी दीजिए।
क्योंकि —
शिक्षा सबसे बड़ा विद्रोह है।