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दिल्ली से सटे नोएडा सेक्टर-37 में मंगलवार देर रात हुए हादसे से पहले बसंत ने फोन कर अपने छोटे भाई को एक काले रंग की गाड़ी पीछे लगे होने की जानकारी दी थी। परिवार के अनुसार, यह भी कहा था कि कार में सवार युवकों से उनकी कहासुनी हो गई है। इसके बाद उन्होंने दोस्तों को बुलाने के लिए फोन किए। करीब 15-20 मिनट बाद धीरज मौके पर पहुंचा तो बसंत और उसका दोस्त रोहन एक-दूसरे के ऊपर गिरे मिले। दोनों के सिर में गंभीर चोटें थीं।
धीरज ने गोद में भाई को उठाया तो पता चला कि बसंत की सांसें थम चुकी थीं। रोते हुए धीरज ने पिता हरि बहादुर को फोन किया और कहा कि पापा, भैया की सांस नहीं चल रही है... जल्दी आइए, मेरे भैया को बचा लीजिए! यह सुनते ही हरि बहादुर जो केन्या में सेफ्टी की नौकरी करते हैं, पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी फ्लाइट पकड़ी और नोएडा के लिए रवाना हो गए।

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