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12 साल तक दिल में एक ही दुआ संजोए रखने के बाद आखिरकार एक परिवार के घर खुशियों ने दस्तक दी। जैसे ही नन्ही किलकारी गूंजी, पिता की आंखें नम हो गईं और घर का माहौल भावुक हो उठा।
इस कहानी की खास बात यह है कि बच्ची के पिता कोई बड़े कारोबारी नहीं, बल्कि एक साधारण सेल्समैन हैं। इसके बावजूद बेटी के जन्म की खुशी में उन्होंने अपनी आर्थिक हैसियत नहीं, बल्कि अपनी आस्था और प्रेम को सामने रखते हुए भगवान को ₹1,05,000 का चढ़ावा चढ़ाया।
परिवार का कहना है कि यह चढ़ावा पैसों से ज़्यादा 12 साल की तपस्या, सब्र और अटूट विश्वास का प्रतीक है। लंबे इंतज़ार के बाद जन्मी इस बच्ची ने परिवार के सूने आंगन को खुशियों से भर दिया।
बेटी का नाम भी उसी भावना को दर्शाता है—उसे “खुशी” नाम दिया गया है, ताकि हर बार उसका नाम पुकारते ही संघर्ष, दुआ और उम्मीदों की पूरी कहानी याद रहे।
कहते हैं, जब खुशियां देर से आती हैं, तो उनका एहसास और उनकी क़ीमत दोनों ही शब्दों से कहीं ज़्यादा गहरे होते हैं। 🙏

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