कोंडाणा की खड़ी दीवारों पर जहाँ इंसान हार मान लेता है, वहाँ वीर तानाजी मालुसरे हौसले लेकर पहुँचे। उनके साथ थी यशवंती—एक प्रशिक्षित गोह। रस्सी बाँधकर उसे ऊपर भेजा गया और उसकी अडिग पकड़ के सहारे तानाजी व मावले किले की चोटी तक पहुँच गए। दुश्मन चौंक गया, युद्ध पलट गया। यशवंती इतिहास में खो गई, तानाजी ‘सिंह’ बनकर अमर हो गए—जय भवानी!.. #marathahistory #tanaji #facts