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माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी का व्रत रखा जाता है, सकट चौथ का व्रत संतान की सुरक्षा और परिवार की सुख-शांति के लिए रखा जाता है।

इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और उन्हें तिलकुट का भोग लगाया जाता है। इसे वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ और तिलकुटा चौथ भी कहते हैं।

सकट चौथ के दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ मिलाकर भोग अर्पित किया जाता है, गणपति जी को पीले वस्त्र धारण करा कर, धूप, घी, लाल रोली, कलावा, फूल आदि पूजन सामग्री अर्पित कर पूजा की जाती है।

इस दिन भगवान श्रीगणेश के पूजन के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है, और चंद्र देव से घर-परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती।

माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि 6 जनवरी 2026, मंगलवार को सुबह 81 बजे से शुरू होकर 7 जनवरी 2026, बुधवार को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी।

चंद्रोदय तिथि के अनुसार सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026, मंगलवार को रखा जाएगा, सकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात 8:54 बजे होगा।

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