प्रयागराज में जब भी कोई बड़ा धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन होता है, वहां से कोई न कोई चेहरा सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन ही जाता है। पहले मोनालिसा ने लोगों का ध्यान खींचा और अब इस कड़ी में नया नाम जुड़ गया है — श्वेता यादव।
माघ मेले के दौरान श्वेता यादव अपने अनोखे अंदाज़ के कारण तेजी से वायरल हो रही हैं। जहां आज के दौर में सोशल मीडिया पर पहचान बनाने के लिए कई लोग भड़काऊ या अश्लीलता भरे तरीकों का सहारा लेते हैं, वहीं श्वेता ने इससे बिल्कुल अलग रास्ता चुना।
श्वेता यादव झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के गेटअप में, हाथ में तलवार लिए माघ मेले में नजर आ रही हैं। उनका यह रूप केवल एक वेशभूषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, साहस और स्वाभिमान का प्रतीक बनकर सामने आया है। मेले में मौजूद श्रद्धालु और पर्यटक उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए, वहीं सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और तस्वीरें लाखों लोगों तक पहुंच रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्वेता का यह अंदाज़ युवाओं के बीच एक सकारात्मक संदेश दे रहा है—कि पहचान बनाने के लिए जरूरी नहीं कि मर्यादाओं को तोड़ा जाए, बल्कि अपनी संस्कृति और इतिहास को भी गर्व के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।
श्वेता यादव की लोकप्रियता यह साबित करती है कि अगर प्रस्तुति में आत्मविश्वास और उद्देश्य हो, तो बिना शोर-शराबे के भी लोगों का दिल जीता जा सकता है। माघ मेले से निकली यह तस्वीर अब केवल एक वायरल ट्रेंड नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना की पहचान बनती जा रही है।