आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद की ज़मानत याचिका खारिज किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बयान सामने आना पूरी तरह स्वाभाविक और ज़रूरी है। जब देश की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता का सवाल हो, तब किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का साफ़ और कड़ा रुख अपनाना गलत नहीं कहा जा सकता। गिरिराज सिंह ने वही बात कही है, जो देश का आम नागरिक सोचता है लेकिन खुलकर कह नहीं पाता।
आज देश बार-बार ऐसे लोगों को देख चुका है, जो अभिव्यक्ति की आज़ादी की आड़ में भारत को कमजोर करने वाली सोच को आगे बढ़ाते हैं। अगर अदालत ने ज़मानत से इनकार किया है, तो इसका मतलब है कि आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसे में गिरिराज सिंह का देशहित में आवाज़ उठाना राष्ट्रभक्ति का उदाहरण है। देश के खिलाफ सोच रखने वालों पर सख्ती होना ही चाहिए, तभी आने वाली पीढ़ियाँ सुरक्षित भारत देख पाएंगी।
डिस्क्लेमर:
यह पोस्ट उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करती है।