1 d - Vertalen

अंकिता भंडारी के माता-पिता पहले ही बहुत कुछ झेल चुके हैं, वो अभी भी असहनीय पीड़ा में हैं, उन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनका दिल और मत दुखाओ!
अंकिता की माँ ने कहा - "जिस VIP के लिए मेरी बेटी की जान ली गई, उसे हमारे सामने लाया जाए। हम भी उस VIP को देखें — आखिर कौन है वो, जिसके कारण मेरी अंकिता आज हमारे बीच नहीं है।"
वो आगे बोलती हैं कि हम माँ-बाप हैं ना! हमको तो अपनी औलाद से बढ़कर कुछ नहीं है। हम तो बोलते हैं कि अगर इसमें हमारी जान भी चली जाए तो हमें कोई गम नहीं। क्योंकि हमारी बेटी ने हमारे साथ रहते हुए गरीबी के दिन देखे, बहुत दुख झेले। जब उसके सुखी के दिन आने वाले थे, तो आप सबको पता है। हमने उसका बचपन देखा है, हमारे बच्चे एक छोटी सी चीज के लिए भी तरसे हैं, लेकिन आज हम इतने दुखी हैं कि हम बोल भी नहीं पाते हैं। उसके भाई ने अब तक राखी नहीं बांधी और तब तक नहीं बांधेगा, जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता। हम भी इसीलिए कोई त्यौहार नहीं मनाते। जब हमारी बेटी ने अपनी आखिरी सांस तक अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया, तो हम कैसे कर सकते हैं!"
आगे वो कहते हैं कि हमारी बेटी तो चली गई, वो अब लौटकर वापस नहीं आएगी। लेकिन ये लड़ाई हम उन बेटियों के लिए लड़ रहे हैं, जो घर से दूर पढ़ने-लिखने, नौकरी करने जाएंगी, और उनके साथ ऐसा न हो, जैसा हमारी अंकिता है साथ हुआ।"
सीएम से मुलाकात के बाद अंकिता के माता–पिता ने अपना दुःख व्यक्त करते हुए बताया कि कुछ लोग उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं कि वो बिक गए!
ऐसा नहीं है कि उन पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया गया होगा, लेकिन जिनकी बेटी ने म-रते दम तक समझौता नहीं किया, उसके माँ-बाप भी कभी समझौता नहीं कर सकते।

image