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महाराष्ट्र के सातारा जिले में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जब भारतीय सेना के जवान प्रमोद जाधव को अंतिम विदाई दी जा रही थी, तो पूरा गांव गहरे शोक में डूबा हुआ था। तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर गांव की गलियों से गुजरा, तो लोग सिर झुकाकर, हाथ जोड़कर खड़े हो गए। हर चेहरे पर दर्द था और हर आंख में आंसू। प्रमोद जाधव कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर अपने घर आए थे। घर में खुशी का माहौल था, क्योंकि उनकी पत्नी गर्भवती थीं और परिवार एक नन्हे मेहमान के आने का इंतजार कर रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक सड़क हा/दसे में प्रमोद जाधव की मौ/त हो गई और खुशियों से भरा घर पल भर में मातम में बदल गया।

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