🚩 तिल-गुड़ सा मीठा हो स्नेह, वज्र सा मजबूत हो संगठन! 🚩
आज जब सूर्य उत्तरायण होकर नई ऊर्जा का संचार कर रहा है, तो हम स्वयंसेवक भी राष्ट्र निर्माण के अपने संकल्प को और अधिक 'तगड़ा' और 'अडिग' बनाते हैं। ☀️🇮🇳
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) केवल एक नाम नहीं, एक तपस्या है।
यह वह धधकती हुई ज्वाला है जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक "भारत माता की जय" के उद्घोष को एक सुर में पिरोती है।
🔥 हमारी तैयारी, हमारी ताकत:
🔸 अनुशासन (Discipline): भोर की पहली किरण के साथ शाखा में गूंजता 'नमस्ते सदा वत्सले', हमारे समर्पण का प्रमाण है। हम पद-प्रतिष्ठा के लिए नहीं, परम वैभव के लिए जीते हैं।
🔸 समरसता (Social Harmony): मकर संक्रांति पर जैसे तिल और गुड़ मिलकर एक हो जाते हैं, वैसे ही संघ जाति-पाति का भेद मिटाकर पूरे हिंदू समाज को 'एकरास' करता है।
🔸 सेवा (Service): चाहे सीमा पर संकट हो या देश के भीतर आपदा, 'खाकी निकर' और 'सेवा भाव' सबसे पहले पहुँचता है।