9 Std - übersetzen

वीर भड़ माधो सिंह भंडारी 🚩 उत्तराखंड की मिट्टी का वो शेर, जिसकी दहाड़ से तिब्बत कांपा और जिसकी सोच से सूखे खेत लहलहा उठे 🌾⚔️
लगभग 1595 ई., मलेथा (टिहरी, उत्तराखंड) में जन्मे
वीर माधो सिंह भंडारी केवल एक योद्धा नहीं थे — वे थे सेनापति, समाजसेवी और अद्भुत इंजीनियर 💪🛠️
👑 गढ़वाल नरेश महीपति शाह के सेनाध्यक्ष रहते हुए
उन्होंने तिब्बती और गोरखा आक्रमणकारियों को कई बार परास्त किया।
दावा और छोटा चीनी के युद्धों में
उनका नाम ही दुश्मनों के लिए डर बन गया ⚔️🔥
💧 मलेथा की गूल — त्याग और तकनीक का चमत्कार
जब गांव में पानी नहीं था,
तो माधो सिंह ने पहाड़ काटकर
225 फीट लंबी सुरंग बना दी — वो भी बिना आधुनिक तकनीक के! ⛰️🔨
किंवदंती कहती है — गांव की भलाई के लिए उन्होंने
अपने इकलौते पुत्र गजेसिंह का बलिदान दे दिया 😔🙏
और तभी सुरंग में पानी बहा…
ऐसा त्याग इतिहास में विरला है।
🎶 उत्तराखंड के पंवाड़ों में आज भी गूंजता है उनका नाम — “एक सिंह रैंदो बण, एक सिंह गाय का।
एक सिंह माधो सिंह, और सिंह काहे का।”
⚔️ वीरगति उन्हें तिब्बत की धरती पर मिली, लेकिन उनका नाम अमर हो गया।
🌸 आज भी —
🪔 मलेथा में माधो सिंह भंडारी मेला
🎉 इगास पर्व उनकी विजय की खुशी में
🎓 UTU का नाम — वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय
वे केवल इतिहास नहीं हैं…
👉 वे गढ़वाल की आत्मा हैं ❤️
👉 त्याग, वीरता और समाज सेवा की जीवित मिसाल हैं।
🙏 वीर भड़ माधो सिंह भंडारी को शत्-शत् नमन
🚩 जय उत्तराखंड | जय गढ़वाल 🚩
#veermadhosinghbhandari
#garhwalkishaan
#uttarakhandpride
#maletha
#himalayanheroes
#deshkeveer

image