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शहादत को सलाम: विदाई ऐसी कि पत्थर दिल भी रो पड़े! 🇮🇳🥺
"बाप ने अभी बेटी की पहली किलकारी भी नहीं सुनी थी, कि तिरंगे में लिपटकर घर आ गया..."
आज इस तस्वीर ने पूरे देश की आँखों को नम कर दिया है। यह कहानी है वीर जवान प्रमोद जाधव जी की, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। लेकिन उनकी शहादत की यह तस्वीर कलेजा चीर देने वाली है।
सोचिए उस माँ पर क्या गुजर रही होगी, जिसने मात्र 8 घंटे पहले एक नन्ही परी को जन्म दिया। एक तरफ अस्पताल का स्ट्रेचर था जहाँ नई जिंदगी ने जन्म लिया, और दूसरी तरफ वही स्ट्रेचर श्मशान की ओर बढ़ रहा था जहाँ एक सुहाग और एक पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
💔 एक तरफ जन्म की खुशी, दूसरी तरफ शहादत का गम। वीर प्रमोद जाधव ने अपनी बेटी का चेहरा तक नहीं देखा। उन्होंने अपनी नन्ही बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अपना वर्तमान देश के नाम कर दिया। उस नन्ही जान को शायद पता भी नहीं कि उसके पिता ने उसे एक ऐसा गौरवशाली नाम दिया है, जिसे यह देश कभी नहीं भूलेगा।
भारत माता के ऐसे वीर सपूत और उनके बहादुर परिवार को हमारा कोटि-कोटि नमन। हमें गर्व है हमारे सैनिकों पर जो अपनी खुशियों की परवाह किए बिना सीमा पर डटे रहते हैं।
आइये मिलकर इस वीर योद्धा को श्रद्धांजलि दें। कमेंट में 'जय हिंद' लिखकर अपनी संवेदनाएं प्रकट करें। 🙏🇮🇳
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