3 hrs - Translate

लंदन के एक प्राइमरी स्कूल से सामने आया यह मामला सिर्फ धार्मिक भेदभाव तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मासूम बच्चे के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। महज तिलक लगाने की वजह से 8 साल के हिंदू बच्चे को स्कूल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा, जिससे वह डर, अकेलेपन और असुरक्षा की भावना से जूझने लगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार निगरानी और स्कूल में जिम्मेदारियों से हटाए जाने के कारण बच्चा सदमे में चला गया और सामाजिक रूप से खुद को अलग करने लगा।
सामान्य स्वास्थ्य दृष्टिकोण से देखा जाए तो बचपन में इस तरह का भेदभाव, डर और सामाजिक अलगाव मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकता है। इससे बच्चों में एंग्जायटी, आत्मविश्वास की कमी और लंबे समय तक भावनात्मक तनाव रहने का खतरा बढ़ जाता है। एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी माहौल बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी होता है, ताकि वे खुद को स्वीकार किया हुआ और सुरक्षित महसूस कर सकें।
#religiousdiscrimination #london #humanrights #healthawareness #globalnews

image