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भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को लेकर सज्जन जिंदल का बयान काफी चर्चा में है। उनका मानना है कि एलन मस्क जैसी वैश्विक शख्सियत भी भारत में वही सफलता हासिल नहीं कर पाएंगी, जैसी घरेलू कंपनियों ने की है। जिंदल के अनुसार टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी भारतीय कंपनियां देश के उपभोक्ताओं को गहराई से समझती हैं। वे न केवल कीमतों को भारतीय जेब के हिसाब से तय करती हैं, बल्कि सड़क की स्थिति, ड्राइविंग आदतों, चार्जिंग जरूरतों और उपयोग के वास्तविक पैटर्न को भी ध्यान में रखती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि एलन मस्क अमेरिका से भारत को देखते हैं, जबकि भारतीय कंपनियां यहीं रहकर, यहीं की चुनौतियों और जरूरतों के बीच गाड़ियां डिजाइन और तैयार करती हैं। यही वजह है कि विदेशी कंपनियों के लिए भारत जैसे विविध और जटिल बाजार में स्थानीय खिलाड़ियों से मुकाबला करना आसान नहीं है। जिंदल का मानना है कि भारत का ईवी भविष्य घरेलू कंपनियों के हाथों में ही अधिक सुरक्षित और मजबूत दिखाई देता है।

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