बारामती के आसमान में एक ऐसी अनहोनी हुई जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। कैप्टन शांभवी पाठक, जो उस बदनसीब विमान की कमान संभाल रही थीं, अब हमारे बीच नहीं रहीं।
एक मेधावी छात्रा से लेकर एक कुशल पायलट बनने तक का उनका सफर जुनून और मेहनत की मिसाल था। 'एयर फोर्स बाल भारती' से शुरू हुई उनकी उड़ान, मुंबई यूनिवर्सिटी और फिर न्यूजीलैंड की ऊंचाइयों तक पहुँची। वे भारत की उस नई पीढ़ी का चेहरा थीं, जो आसमान फतह करने का हौसला रखती थी।
आज उनकी याद में सिर्फ सन्नाटा और गहरी संवेदनाएं बची हैं। एक होनहार पायलट का यूं अचानक चले जाना विमानन जगत और उनके अपनों के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी। किसी ने इन्हे याद नही क्या और न ही सोचा की शहीद कौन कौन हुआ है। #captainshambhavipathak #planecrash #baramaticrash