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राजधानी पटना से सटे मनेर की एक महिला के साथ हुई रूह कंपा देने वाली वारदात ने Social Media पर होने वाले प्यार और 'Blind Trust' के डरावने अंजाम को बेनकाब कर दिया है। एक साल पहले फेसबुक पर शुरू हुई 'Digital Love Story' का अंत पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर के एक बदबूदार कोठे पर होगा, यह उस महिला ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। 8 महीने तक 'Human Trafficking' के दलदल में सिसकती रही इस पीड़िता को आख़िरकार एक 'कस्टमर' की इंसानियत और बिहार पुलिस के Rescue Operation ने नई जिंदगी दी है।
इश्क का बुखार और जंक्शन पर 'साजिश' का शिकार
पीड़िता की कहानी किसी 'Crime Thriller' जैसी है। सोशल मीडिया वाले प्रेमी के झांसे में आकर महिला ने अपने पति और हंसते-खेलते घर को छोड़ने का फैसला किया। 8 महीने पहले जब वह प्रेमी के साथ नई दुनिया बसाने Patna Junction पहुंची, तो वहां प्रेमी नहीं, बल्कि उसकी बेबसी का फायदा उठाने वाला एक 'शिकारी' मिला। स्टेशन पर भटकती महिला को 'मदद और नौकरी' का झांसा देकर वह युवक उसे कार से सीधे पश्चिम बंगाल ले गया। महिला जिसे अपना 'मसीहा' समझ रही थी, वह दरअसल International Trafficking Network का एक मोहरा था।
2 लाख में 'सौदा' और 8 महीने का 'Hellish' टॉर्चर
बंगाल पहुंचते ही महिला के अरमानों का कत्ल हो गया। उसे इस्लामपुर थाना क्षेत्र के एक रेड लाइट एरिया (Red Light Area) में ले जाकर खड़ा कर दिया गया। वहां उसे पता चला कि उसे 2 लाख रुपये में एक कोठा संचालक को बेच दिया गया है। महिला ने बताया कि वहां हर दिन उसकी रूह को छलनी किया जाता था। नशे में धुत ग्राहकों के सामने वह गिड़गिड़ाती रही, अपने पति से बात कराने की भीख मांगती रही, लेकिन उस 'नरक' की दीवारों के बाहर उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था।
एक 'कस्टमर' बना फरिश्ता: 2 अक्टूबर का वो 'Turning Point'
अंधेरी सुरंग में उम्मीद की किरण तब दिखी जब एक ग्राहक (Customer) का दिल उसकी आपबीती सुनकर पसीज गया। 2 अक्टूबर को उस शख्स ने न केवल महिला पर भरोसा किया, बल्कि अपनी जान जोखिम में डालकर उसके पति को फोन मिलाया। पति को जैसे ही खबर मिली कि उसकी पत्नी बंगाल के 'कोठे' पर कैद है, उसने तुरंत Maner Police से संपर्क किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वीडियो कॉल के जरिए लोकेशन कन्फर्म की और बंगाल पुलिस के साथ मिलकर 'Joint Operation' को अंजाम दिया।
Trafficking Network का पर्दाफाश: अब सिस्टम पर सवाल
मनेर थाना पुलिस ने रेड लाइट एरिया में छापेमारी (Raid) कर महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया और पटना वापस ले आई। यह मामला उजागर करता है कि कैसे Organized Crime Groups सोशल मीडिया को अपना हथियार बना रहे हैं। जरूरतमंद महिलाओं को 'Job' और 'Better Life' का लालच देकर जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलना एक 'Global Crisis' बन चुका है। पुलिस अब उस प्रेमी और उस 'मददगार' युवक की तलाश में जुटी है जिसने महिला को बंगाल ले जाकर बेचा था।
यह घटना उन तमाम महिलाओं के लिए एक 'Dark Reality Check' है जो सोशल मीडिया के 'Virtual' वादों को सच मानकर अपना घर-बार दांव पर लगा देती हैं।

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