3 horas - Traducciones

लखनऊ, शहर की सर्द हवाओं में खून की स्याही से लिखी एक खौफनाक कहानी! पारा थाना क्षेत्र की 16 साल की नाबालिग किशोरी शीतल का दिल दो लड़कों में बंटा... और वो बंटवारा मौत बन गया!
सब शुरू हुआ इंस्टाग्राम से अंशू गौतम उर्फ लकी (2 ने चैट की, प्यार जताया, शादी का सपना दिखाया। लड़की बह गई। लेकिन जल्द ही वो अंशू के सबसे करीबी दोस्त आशिक यादव (21) से भी बात करने लगी – कभी अलग-अलग, कभी एक साथ फोन पर घंटों! बाते करतीं थी
अंशू को शक हुआ – "ये दोनों से बातें करती है? मेरा अपमान!"कर रही है आशिक को भी गुस्सा।आया दोनों ने मिलकर फैसला किया – "इसे सबक सिखाना पड़ेगा!" अंशू ने फोन किया – "मिलते हैं, कुछ जरूरी बात है।" लड़की घर से निकली, परिजनों को बताया "नैनीताल घूमने जा रही हूँ"। लेकिन वो झूठ था।
टाटा सफारी में बिठाया गया। चलती गाड़ी में चारों आरोपी – अंशू, आशिक, रिशू यादव (2, वैभव सिंह राजपूत (23) – ने मिलकर मारपीट की। गला दबाया, सांस रोक दी। हत्या हो गई!
फिर क्राइम छिपाने की साजिश – शव को सरोजनी नगर के पिपरसंड रेलवे ट्रैक पर लिटाया। ट्रेन आई, सिर धड़ से अलग हो गया। लगे जैसे आत्महत्या!
मां पिंकी ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल रिकॉर्ड, चैट चेक किए। 25 जनवरी को अंशू पकड़ा – कबूल लिया। 26 जनवरी को बाकी तीन गिरफ्तार। POCSO एक्ट भी लगा। गाड़ी बरामद!
पुलिस का कहना: "जलन में अपमान सह न सका, इसलिए मार डाला।" चारों जेल में।
सोशल मीडिया की दोस्ती... प्यार... जलन... और मौत! क्या आपकी बेटी सुरक्षित है? सावधान रहें, ऑनलाइन रिश्ते चेक करें।

image