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पहली कोशिश में UPSC पहला दिन ड्यूटी का मंज़िल से बस 20 km दूर और ज़िंदगी ने फ़ाइल क्लोज़ कर दी।

कहते हैं कुछ लोग बहुत जल्दी कामयाब नहीं होते पर कुछ लोग इतने जल्दी चले जाते हैं कि कामयाबी को जी ही नहीं पाते सालों की मेहनत थी जो खत्म हो गई।

हम बात कर रहे है IPS हर्षवर्धन की जिनका ड्यूटी के पहले दिन ही कार दुर्घटना में मौत हो गई और इनकी मौत ने उनका सपना खत्म कर दिया ।

रातें जागकर पढ़ना दोस्तों से दूर रहना एक ही सपना UPSC clear करना और वर्दी पहनना पहली ही कोशिश में सपना पूरा हुआ।

IPS बना घर में जश्न मां बाप की आंखों में आंसू और खुद की आंखों में देश के लिए कुछ करने का जुनून पहला दिन था ड्यूटी का।

मंज़िल से बस 20 किलोमीटर दूर लेकिन रास्ते में ज़िंदगी ने आख़िरी मोड़ ले लिया जिस वर्दी को पहनकर सिस्टम बदलना था उसी वर्दी में दुनिया से विदा हो गया।

सबक बस इतना है ज़िंदगी कितनी भी बड़ी तैयारी क्यों न हो UPSC clear करना मुश्किल है पर सपने जीने का मौका मिलना उससे भी मुश्किल।

RIP. ज़िंदगी बहुत अनप्रेडिक्टेबल है।

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