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दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। बैंक कॉल सेंटर में काम करने वाला कमल सोमवार रात दफ्तर से घर लौटते समय लापता हो गया था। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पूरी रात मदद के लिए जनकपुरी, विकासपुरी और डाबड़ी सहित 6 पुलिस थानों के चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने शिकायत दर्ज नहीं की। परिजनों के अनुसार, सातवें थाने (सागरपुर) के पुलिसकर्मियों ने तो यहां तक कह दिया कि 'ऐसे लड़के रोज खोते हैं'।
अगली सुबह कमल की लाश और उसकी बाइक जनकपुरी के पास दिल्ली जल बोर्ड (DJ के एक खुले गड्ढे में मिली। यह गड्ढा बिना किसी बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड के काफी समय से खुला पड़ा था, जिसमें गिरने से कमल की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने और जल बोर्ड पर जानलेवा लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि उन्होंने मोबाइल लोकेशन के आधार पर रात में तलाश की थी। जल बोर्ड ने हादसे पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

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