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27 दिसंबर 2025 की वो शाम शकरपुर के एक परिवार के लिए कभी न खत्म होने वाला इंतजार बन गई। 16 साल की ईशा (अंकिता) ने अपने पिता से बड़े चाव से मोमोज खाने के लिए 100 रुपये मांगे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर की दहलीज पार करते हुए उसके कदम वापस नहीं लौटेंगे। 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन ईशा का सुराग अब भी दिल्ली की भीड़ और पुलिस की फाइलों में कहीं खोया हुआ है।

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