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सड़क पर दौड़ती एक बस, लेकिन उस पर छपी तस्वीर ने सबको रोककर देखने पर मजबूर कर दिया! ❤️🇮🇳
ये कोई फिल्म का पोस्टर नहीं था, न ही किसी ब्रांड का विज्ञापन… ये था सम्मान। कर्नाटक की एक स्लीपर बस ने जब “ऑपरेशन सिंदूर” के नायकों की तस्वीर अपने ऊपर लगाई, तो वो बस सिर्फ एक वाहन नहीं रही — वो चलती-फिरती श्रद्धांजलि बन गई। हर मोड़ पर, हर चौराहे पर, वो तस्वीर याद दिला रही थी कि देश की सुरक्षा के लिए खड़े सैनिकों की कीमत शब्दों में नहीं आंकी जा सकती।
आज के दौर में जहाँ बसों पर अक्सर फिल्मी चेहरों या प्रोडक्ट्स के पोस्टर दिखते हैं, वहाँ सैनिकों की तस्वीर लगाना एक संदेश है — “हम अपने रक्षकों को नहीं भूलते।” ये पहल छोटी लग सकती है, लेकिन इसका असर बड़ा है। जब आम लोग अपने तरीके से सेना को सलाम करते हैं, तो वो सिर्फ तस्वीर नहीं, एक भावना बन जाती है।
सच में… किसी ने तो कीमत समझी।
देश पहले, बाकी सब बाद में। 🇮🇳🔥

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