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नागौर के इस 'शातिर' कबूतर की दास्तां वाकई किसी बॉलीवुड फिल्म के क्लाइमेक्स जैसी है! पुरानी फिल्मों में तो कबूतर सिर्फ प्रेम पत्र लेकर 'गुटरगूं' करते थे, लेकिन नागौर के इस 'डिजिटल युग' के कबूतर ने तो सीधे अपनी 'रिटायरमेंट प्लानिंग' ही कर ली।

एक सुनार की दुकान में कारीगर अपना काम कर रहे थे, तभी आसमान से एक 'सफेद वीआईपी' उतरा। लोगों को लगा शायद शांति का संदेश लाया है, लेकिन इस कबूतर के इरादे कुछ और ही थे। बिजली की फुर्ती से उसने मेज पर रखी सोने की चेन उठाई और फुर्र से बाहर निकल गया।

दुकान में हड़कंप मच गया। जो कारीगर कल तक 'भाग्यश्री' के गाने गाते थे, वो अब पसीने-पसीने होकर चिल्ला रहे थे— "आ कबूतर, आ... मेरी चेन वापस दे जा!" * जमावड़ा: देखते ही देखते तमाशबीनों की भीड़ लग गई।

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