हल्दीघाटी सब जानते हैं, लेकिन गंगवाना का युद्ध वीरता की उस हद को छू गया था जहाँ मौत भी कांप गई थी।
1741 ई. में 'गंगवाना के युद्ध' में जोधपुर के बख्त सिंह राठौड़ ने केवल 1,000 घुड़सवारों के साथ जयपुर और मुगलों की संयुक्त 1 लाख की सेना पर हमला बोल दिया था।
यह हमला इतना भयानक था कि 4 घंटे में ही दुश्मन के हजारों सैनिक मारे गए।
जयपुर के सवाई जय सिंह ने कहा था—'मैंने चींटियों की तरह सेना तो बहुत देखी, पर ऐसे मुट्ठी भर शेर कभी नहीं देखे।'"

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