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ट्रम्प की धमकियों के बाद भी भारतीय मीडिया
उसके खिलाफ कुछ सुनने को तैयार नहीं है.
हाँ, पर लोगों से बहुत अपमान जनक शब्द सुन लेते हैँ.

पत्रकार सतीश- एक साल से आप लोग ट्रम्प को गरिया रहे हैँ, आज वो Cheerleaders की तरह झंडा उठाकर नाच रहें हैँ सब.

रुबिका-ये चीयर लीडर किसको बोला है आपने?

सतीश- बहुत है यहाँ, आप अपने ऊपर क्यों लेती हैँ?

रुबिका- अगर आप मुझे चीयर लीडर बोलेंगे तो मैं आपको रुदाली बोलूंगी, हर वक़्त आप छाती पीटते रहते हैँ आप लोग.

यहाँ अगर सतीश सिंह ने सिर्फ किसी महिला को cheerleader बोला होता तो मैं उसका विरोध जरूर करता

पर उन्होंने तो एक बेशर्म चाटुकार महिला को ये बोला है, जिसको देखकर पत्रकारिता भी शर्मा जाएगी.

साहब के लिए क्या क्या सुनना पड़ रहा है रुबिका को? ट्रम्प को गरिया नहीं सकते ये लोग

सरकार को कोस नहीं सकते, अन्याय को अन्याय और गलत को गलत नहीं बोल सकते

इतना मज़बूर भारतीय लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कभी नहीं था.

वीडियो कमेंट में है.

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