1857 की क्रांति के महान राष्ट्रभक्त क्रांतिकारी महाराज बख्तावर सिंह राठौड़ जी अमझेरा कै बलिदान दिवस पर शत् शत् नमन 👏👏
आप मध्यप्रदेश के धार जिले के अन्तर्गत अमझेरा के शासके थे। वे न केवल वीर थे अपितु वीरों का आदर भी करते थे। उनके पूर्वज मूल रूप से जोधपुर (राजस्थान) के क्षत्रिय राजपूत राठौड़ वंशीय राजा थे। मुगल बादशाह जहाँगीर ने प्रसन्न होकर उनके वंशजों को अमझेरा का शासक बनाया था। पहले अमझेरा राज्य बहुत बड़ा था, जिसमें भोपावर तथा दत्तीगाँव भी सम्मिलित थे। कालान्तर में अमझेरा, भोपावर और दत्तीगाँव पृथक-पृथक राज्य हो गए। सन् 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के समय अमझेरा के शासक थे महाराज बख्तावरसिंह। इनके पिता का नाम राव अजीतसिंह और माता का नाम रानी इन्द्रकुँवर था। आपका जन्म 14 दिसम्बर 1824 को हुआ था । महाराज को शिक्षा-दीक्षा एवं अस्त्रों के संचालन का अच्छा प्रशिक्षण दिया गया था। उनके धार तथा इन्दौर के शासकों के साथ अच्छे मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध थे। इनकी गतिविधियों पर नियन्त्रण रखने हेतु ही ब्रितानीयों ने यहाँ फौजी छावनी स्थापित की थी और पॉलिटिकल एजेन्ट भी नियुक्त किए थे।