जब थाली भरी होती है तो यार बहुत मिलते हैं, पर जब हाथ खाली हों तो साया भी साथ छोड़ देता है! 📉💔
तिहाड़ जेल जाने से पहले राजपाल यादव की आँखों में छिपी वो लाचारी और उनका ये कहना कि "यहाँ कोई किसी का दोस्त नहीं होता", आज बॉलीवुड के सबसे बड़े और कड़वे सच को बयां कर रहा है। 🎭🕯️
एक वक्त था जब राजपाल यादव का घर संघर्ष कर रहे एक्टर्स के लिए किसी 'लंगर' से कम नहीं था। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने खुद एक पुराने इंटरव्यू में याद किया था कि राजपाल का दिल इतना बड़ा है कि उनके घर पर नवाज़ जैसे कई स्ट्रगलिंग एक्टर्स रोज़ खाना खाते थे और उस इंसान ने कभी 'उफ़' तक नहीं की। 🥘🙏
दिब्येंदु भट्टाचार्य जैसे कलाकार भी उसी घर में अपना अड्डा जमाते थे और साथ मिलकर खाना बनाते थे, जहाँ उन्हें कल की कोई फिक्र नहीं होती थी। मगर आज जब उसी 'बड़े दिल' वाले इंसान पर 5 करोड़ के कर्ज और जेल की गाज गिरी, तो उन पुराने दोस्तों की 'ख़ामोशी' सबको बहुत अखर रही है। 📉🛑
सोशल मीडिया पर लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वो लंगोटिया यार अब कहाँ गायब हैं जिन्होंने राजपाल के घर की रोटियां तोड़ी थीं? वक्त का पहिया जब घूमता है, तो अक्सर चेहरों से नकाब भी साथ-साथ उतर जाते हैं। 🛡️✨
एक तरफ वो लोग हैं जो साथ खा-पीकर स्टार बने और आज चुप हैं, और दूसरी तरफ सोनू सूद और राव इंदरजीत जैसे लोग हैं जिन्होंने बिना किसी पुराने स्वार्थ के इंसानियत का फर्ज़ निभाया है। राजपाल भाई, आप भले ही खुद को अकेला महसूस कर रहे हों, पर आपकी नेकदिली की गवाही आज पूरा देश दे रहा है।
क्या आपको भी लगता है कि कामयाबी मिलने के बाद लोग अक्सर उन हाथों को भूल जाते हैं जिन्होंने बुरे वक्त में उन्हें सहारा दिया था? नवाज़ुद्दीन और बाकी पुराने दोस्तों की इस चुप्पी पर आपकी क्या राय है? कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर साझा करें। 👇💭

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