11 ساعة - ترجم

1875 में आर्य समाज की स्थापना कर महर्षि दयानंद सरस्वती ने समानता, स्त्री शिक्षा, विधवा विवाह और जाति-भेद के अंत का संदेश दिया।
“सत्यार्थ प्रकाश” और शुद्धि आंदोलन के माध्यम से उन्होंने वैदिक ज्ञान और स्वाभिमान की ज्योति जगाई।
उनकी सुधारवादी सोच और राष्ट्रजागरण की भावना आज भी समाज को दिशा देती है।
महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर विनम्र नमन।

#maharshidayanandsaraswati #jayanti

image