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कला, शिल्प, संस्कृति की भव्य त्रिवेणी 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी बढ़ावा देता है।
आज यह मेला केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश की पहचान बन चुका है और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार कर रहा है।
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानना हो तो इस मेले में अवश्य पधारें..

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