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ये 1.4 लाख फॉलोअर्स भी गजब के नमूने निकले! जैसे ही स्क्रीन से फिल्टर हटा, ये लोग ऐसे रफूचक्कर हुए जैसे सिर मुंडाते ही ओले पड़ गए हों। मतलब इन "सच्चे आशिकों" का प्यार इंसान के लिए नहीं, बल्कि मोबाइल के पिक्सल और एडिटिंग सॉफ्टवेयर के लिए था। बेचारी लड़की ने तो बस अपना असली और मासूम चेहरा दिखाया था, पर इन लोगों का तो जैसे 'डिजिटल ईमान' ही डोल गया।
​हैरानी तो इस बात की है कि खुद अपनी आधार कार्ड वाली फोटो छुपाकर घूमने वाले लोग दूसरों से साक्षात 'अप्सरा' होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। जैसे ही फिल्टर की बैटरी लो हुई, इन भगोड़े फॉलोअर्स का तो इंटरनेट पैक ही खत्म हो गया। ये वही लोग हैं जो अपनी फोटो में दस बार ब्राइटनेस बढ़ाते हैं, लेकिन दूसरों की असलियत देखते ही उन्हें 'अनफॉलो' करने की रेस लगा देते हैं।
​सच तो ये है कि इन 1.4 लाख लोगों ने ये साबित कर दिया कि उन्हें इंसान की शख्सियत से ज्यादा फोन के 'ब्यूटी मोड' से प्यार था। अब बेचारी लड़की का क्या कसूर, जब दुनिया ही नकली चमक-धमक की भूखी हो 🙄

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