8 hrs - Translate

"सबका सत्कार करने की भावना मन में चाहिए। मान लिया कि कोई पापी भी है, तो हममें कौन-सी ऐसी शुद्धता आ गई है कि हम दूसरों को पापी कहें। जरा हृदय टटोलकर स्वयं को देखें। सबकी अच्छाई देखने एवं सत्कार करने का गुण ही सर्वश्रेष्ठ है"

- श्री गुरूजी

image